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Class KG Hindi हिंदी – Warnmala वर्णमाला-अक्षर- Worksheet Traceable Download PDF

हिंदी वर्णमाला( Hindi Warnmala Writing Worksheet PDF )

 

हिंदी वर्णमाला लिखना बहुत ही आसान है।  बशर्ते इसे लयबद्ध रूप से सिखाया जाए। अध्यापक, अभिभावक, माता-पिता सभी अपने बच्चों के प्रति बहुत ही उत्सुक रहते हैं कि, हमारा बच्चा जल्द से जल्द लिखना, पढ़ना सीख जाए। लेकिन वास्तव में यह बहुत ही महत्वपूर्ण व नाजुक घड़ी होती है। जब लिखने की शुरुआत करवायी जाती है। यह प्रक्रिया समय व विकास पर टिकी होती है   । 

 

Objective of Warnmala worksheet  ( उद्देश्य ) – 


• विद्यार्थी हिंदी वर्णमाला को लिखने में सक्षम होंगे।
• विद्यार्थी अक्षरों की बनावट को पहचानने में सक्षम होंगे।

 

पूर्व ज्ञान  (Pre knowledge For Writing Hindi Warnmala)


• अक्षरों की पहचान एवं उच्चारण।
• परिवेशीय वस्तुओं के नाम व सामान्य जानकारी।
• सामान्य रेखा चित्रों को बनाने का अभ्यास।

 

लिखने से पहले भी बहुत कुछ कौशल आवश्यक हैं ।  जिनका ध्यान रखना आवश्यक है- 

• बच्चे के लेखन में बहुत ही धैर्य की आवश्यकता है।
• हाथ व उंगलियों की मांसपेशियां का उचित विकास होना चाहिए।
• पेंसिल, पेन आदि लेखन सामग्री को सही तरीके से पकड़ना आना चाहिए।
• वर्णमाला में अक्षरों को सही तरीके से घुमाने का पैटर्न पता होना चाहिए। 
•  बच्चों के द्वारा बनाए गए आड़े तिरछे चित्रों को या संकेतों को स्वीकृति दें।

 

सारांश ( Summary )

लेखन से पूर्व बातचीत और बातचीत की लिखित अभिव्यक्ति, लेखन को रूचिकर बनाती है। जैसे आपने क्या खाया? अच्छा आम खाया। तो हम आम को लिखकर देखते हैं। अर्थपूर्ण लेखन, लिखने को रुचिकर और प्रभावी बनाता है। न कि यह कि आप फलों के नाम लिखें। भले ही कई बार हमें अपने इस दायरे से बाहर आना पड़ता है। और कुछ अन्य शब्दों को लिखाना पड़ता है, जो बच्चे के परिवेश में न तो मिलते हैं, और न ही उसने सुने हैं। यहां तक कि हम भी स्वयं उन्हें ऐसे ही लिखते आए हैं। फिर भी कोशिश हमेशा उसके परिवेश की बातों का उदाहरण प्रस्तुत करने की होनी चाहिए। लिखने में जहां तक नए अनुसंधान कहते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होने से लिखने के हुनर को जल्दी निखारा जा सकता है।


लिखने की शुरुआत ( Start With Hindi Writing )  


लिखने की शुरुआत कैसे करें, बेशक इसके लिए एक नियम और एक शर्त नहीं है। और शायद ही कभी हो। क्यूंकि ये इस तरह से है, कि हर बच्चा अलग – अलग मानसिक स्तर और परिवेश से आता है। हर किसी बच्चे का अपना सीखने का तरीका होता है। फिर भी जो अधिक बच्चों पर सही कार्य करें हम उसी नियम को मानकर चलते हैं। और वो है कि
• हम लिखने से भी पहले बच्चों को स्वतन्त्र रेखाओं के अभ्यास करवाएं। जिससे कलम और हथेलियों के बीच संतुलन बन सके।
• धीरे-धीरे टेड़ी, सीधी, वृताकार, और जो भी बच्चे के परिवेश में बोले जाने वाली आकृतियां है, उनका ही प्रयोग कर घुमाने के पैटर्न पर बच्चों को लाना चाहिए।
• रंगों को भरना, लिखने की शुरुआत के लिए सहायक होता है।
• छाप कर लिखना और stencils का प्रयोग करवाना बेहतर होता है।
• शुरू में अक्षर बड़े लिखें होने चाहिए, जिससे अक्षरों का हर घुमाव बच्चों को स्पष्ट एवं याद रहे। हिंदी में तो विशेषकर क्यूंकि इसमें बहुत महीन घुमाव अधिक महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

 

मुख्य बिंदु ( Key Features ) –


• अ से अः तक स्वरों को लिखना।

 

अ  आ  इ  ई  उ  ऊ  ऋ 

ए  ऐ  ओ  औ  अं  अः

 

 

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• क से ढ़ तक व्यंजनों को लिखना।

 

क  ख  ग  घ  ङ 

च  छ  ज  झ  ञ 

ट  ठ  ड  ढ  ण 

त  थ  द  ध  न

प  फ  ब  भ  म

य  र  ल  व 

श  ष  स  ह  क्ष  त्र  ज्ञ

श्र  ड़  ढ़

 

 

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वर्कशीट के बारे में ( About Worksheet ) –

 

हिंदी वर्णमाला में Hindi Warnmala की वर्कशीट को दो भागों में बांटा गया है। एक तो स्वरों का लिखना, और एक व्यंजनों का लिखना । अक्षरों की शुरुआत बड़े आकार से होते हुए, छोटे आकार की तरफ क्रमश: की गई है। पुनरावृति का प्रयोग विद्यार्थियों को लिखने का स्थाई ज्ञान प्राप्त करवाता है । शुरुआत में चित्रों के साथ संबंध स्थापित करके, स्वतंत्र लेखन की ओर विद्यार्थी को बढ़ाने का प्रयास किया गया है । इसी प्रकार अक्षरों को छापने से शुरुआत करा कर, आत्मनिर्भर बनाने की ओर विद्यार्थी को ले जाया गया है । एक सीट का प्रयोग कम से कम 2 दिन तक किया जाना चाहिए । फिर भी यदि कुछ अक्षरों को लिखने में समस्या बनी रहे तो कृपया उसे ध्यान में रखते हुए आगे की सीट पर कार्य करना फायदेमंद रहेगा । क्योंकि कुछ अक्षरों की बनावट को समझने में विद्यार्थी समय लगाते हैं।


क्रिया विधि  ( Activities ) –

 

लिखना क्योंकि शुरुआती दौर में बच्चों के लिए बहुत ही मुश्किल भरा होता है । ऐसे में आवश्यक है, के बच्चे को अभिभावक और शिक्षक का पर्याप्त सहयोग मिल पाए। लिखने को मजेदार बनाने के लिए निम्न गतिविधियां कर सकते हैं –
• अक्षरों के रंगीन चित्र बनवाना
• स्टैंसिल का प्रयोग करना
• सामान्य रेखा चित्रों का प्रयोग करना
• मिट्टी या ब्लैक बोर्ड पर लिखवाना आदि।

 

हिंदी – वर्णमालाअमात्रिक शब्द
'आ' की मात्रा के शब्द‘इ’ की मात्रा
Pattern WritingAlphabets A to Z
‘ई’ की मात्रा ‘उ’ की मात्रा
‘ऊ’ की मात्रा‘ऋ’ की मात्रा
‘ए’ की मात्रा ‘ओ’ की मात्रा
‘ऐ’ की मात्रा ’औ’ की मात्रा
’अं’ की मात्रा’अः’ की मात्रा

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